मुझे देखकर जो तुम्हारी साँसें रुकी हैं
इनसे पूछना इस प्यार का सच क्या है
ये जो तुम्हारी दिल में ध़ड़कन छुपी है
दुनिया से उस्का कवच क्या है
ये मानने से हम क्यूँ घबराते हैं
की हमें भी कभी ज़रूरत होती है
ये जो अनसुनी सी हमारी बातें हैं
इन्हे सुनाने की भी ज़रूरत होती है
ये जो हमारे ख्वाब हमें डराते हैं
उन्हें एक हसीं सपना कोई खास बनाता है
फिर भी हम कहने से कतराते हैं
और इसी डर से वो सपना टूट जाता हैं
आखिर सपना ही तो है ये ज़िंदगी
हँसने का, मुस्कुराने
का, और यादें भर जाने का
हमारी गलती है की हम इसे बनाते हैं
गिरने का, रुक्ने
का, और दिल टूट जाने का
लेकिन ये दिल टूट्ना भी क्या होता है
हमारी गलती हमने दिल तुमसे लगाया
सब कुछ पाकर भी इंसान कुछ खोता है
तुमने यही प्यार तो मुझे सिखाया
अब वक्त है की इस सीख को लेकर
मै कहीं और सावधानी से दिल लगाऊँ
आखिर तुम भी तो यही चाहती थी
कि मैं किसी और का हो जाऊँ
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